Travel story
शिमला से चंडीगढ़: सस्ती सवारी मिली, लेकिन एक सीख भी
admin · 2022-06-11
शिमला से चंडीगढ़ लौटते समय हमारे पास सामान अधिक था। बस का विकल्प होते हुए भी टैक्सी अधिक सुविधाजनक लग रही थी। उस यात्रा में लगभग 110 किलोमीटर के लिए ₹2,500 से ₹4,000 तक किराया बताया जा रहा था। ये उसी समय की दरें हैं।
हमने BlaBlaCar पर देखा तो अपने समय के आसपास ₹300 प्रति सीट की एक सवारी मिली। सुविधा के लिए उपलब्ध चारों सीटें बुक कर लीं। सामान्य टैक्सी के मुकाबले खर्च कम हुआ।
साझा यात्रा का तरीका
ऐसे मंच पर उसी दिशा में जाने वाला व्यक्ति अपनी यात्रा की खाली सीटें सूचीबद्ध कर सकता है। यात्री समय, स्थान और कीमत देखकर संपर्क करते हैं। उपलब्धता और मंच के नियम समझना जरूरी है; हर सूचीबद्ध सवारी निश्चित रूप से मिले, ऐसा नहीं होता।
हम बताए गए स्थान पर पहुँचे। कुछ देर बाद एक सफेद स्विफ्ट डिज़ायर आई। चालक किसी यात्री को चंडीगढ़ से शिमला छोड़ने आया था और अब वापस लौट रहा था।
रास्ते में हुई बातचीत
हम बैठे ही थे कि चालक का फोन बजा। बातचीत से पता चला कि किसी दूसरे यात्री ने भी उसी वाहन की बुकिंग की थी। चालक ने उसे रास्ते में जाम में फँसे होने का बहाना बताया।
हमें उस यात्री के लिए बुरा लगा। चालक ने अपनी ओर से कहा कि कुछ लोग बुकिंग करके समय पर नहीं आते, इसलिए वह दो मोबाइल से अलग बुकिंग ले लेता है और जो पहले मिले या बेहतर सौदा दे, उसे ले जाता है। उसकी सुविधा का नुकसान दूसरे यात्री को उठाना पड़ रहा था।
इस अनुभव से क्या सीखा
कम किराया उपयोगी है, लेकिन यात्रा की विश्वसनीयता भी जरूरी है। पिकअप, समय, सीटों और सामान की जगह को स्पष्ट करें। भुगतान मंच की वर्तमान प्रक्रिया के अनुसार ही करें। अंतिम समय में सवारी न मिले तो दूसरा विकल्प रखने से परेशानी कम होगी।
यह हमारी एक यात्रा का अनुभव है, पूरे मंच या सभी चालकों का आकलन नहीं।
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