Travel story
धौलछीना: छोटे बाजार से जंगलों की ओर


admin · 2025-01-30
POPCORNTRIP FILMS
See the journey unfold.
A Kumaon stop for travellers who like their hills a little quieter.
अल्मोड़ा से आगे धौलछीना का छोटा बाजार कुछ देर रुकने का मन कराता है। आसपास के पहाड़, स्थानीय भोजन और कस्बे की सहज दिनचर्या इस जगह का अनुभव बनाते हैं। यहाँ की यात्रा में बहुत कुछ करने के बजाय धीरे घूमना अधिक अच्छा लग सकता है।
क्या देखें और करें
माँ आनंदमयी आश्रम इस क्षेत्र की धार्मिक पहचान से जुड़ा है। आसपास पैदल सैर, पक्षियों को देखना और गाँवों के जीवन को समझना यात्रा का हिस्सा बन सकता है। किसी अनजान जंगल-पथ पर जाने से पहले स्थानीय मार्गदर्शन लें। साहसिक गतिविधियों की उपलब्धता को पहले से निश्चित न मानें।
हिमालय का दृश्य स्थान और मौसम पर निर्भर करता है। धुंध या बादलों के समय आसपास के जंगल और पहाड़ भी देखने योग्य हैं।
रास्ता और आसपास के स्थान
धौलछीना सड़क से अल्मोड़ा तथा बाड़ेछीना की ओर से जुड़ता है। काठगोदाम या हल्द्वानी तक रेल/बस से आने के बाद आगे सड़क यात्रा की जा सकती है। पुराने लेख में अल्मोड़ा से दूरी लगभग 35 किलोमीटर बताई गई है।
बिनसर क्षेत्र, जागेश्वर, वृद्ध जागेश्वर, झाकर सैम और चितई को अलग-अलग दिन या मार्ग के अनुसार जोड़ा जा सकता है। अभयारण्य की सीमा पास दिखने और उसके प्रवेश द्वार तक पहुँचने की दूरी एक जैसी नहीं होती।
पुराने संग्रह में ठहरने के नाम
मूल सूची में बिनसर ईको कैंप, माँ आनंदमयी गेस्ट हाउस, जेएमटी ईको बिनसर गेस्ट हाउस, बिनसर ओक पैराडाइज़, पाइनवुड विलेज रिज़ॉर्ट, हिल्स एंड वैली व्यू गेस्ट हाउस और हिमालयन ब्रीज़ होमस्टे दर्ज हैं। इनकी वर्तमान उपलब्धता, सही स्थान तथा सुविधाएँ सीधे पूछें।
ठंड के मौसम में गर्म कपड़े और बरसात में यात्रा के लिए अतिरिक्त समय रखें। वीडियो में धौलछीना और आसपास के वातावरण का परिचय देखें।
PopcornTrip