EnglishYouTube ↗
Bhimtal lake and island, from PopcornTrip’s own travel film

हिमालय। रास्ते। और उनके बीच की कहानियाँ।

कुछ सफ़र
साथ रह जाते हैं।

ज़रा ठहरकर देखें। एक नए भारत से मिलें।
यात्रा फ़िल्में और रास्ते की कहानियाँ, एक सफ़र के साथ।

01 / कुमाऊँ, उत्तराखंडPOPCORNTRIP ORIGINALSआगे देखें ↓
जहाँ मन ले चलेखुले रास्ते ↗पहाड़ों की ओर ↗जगहें और लोग ↗सफ़र की तैयारी ↗

सफ़र की डायरी

इन रास्तों पर ज़रा ठहरें।

पुराने बाज़ार। जंगल की पगडंडियाँ। रास्ते का एक मोड़।
वो कहानी ढूँढें, जो आपको सफ़र पर बुलाए।

सभी यात्राएँ देखें ↗
अल्मोड़ा की सैरजगहें और लोग ↗

जगहें और लोग

अल्मोड़ा की सैर: इतिहास, बाजार और पहाड़ की जिंदगी

व्यस्त दिनचर्या से कुछ समय निकालकर अपने और अपनों के साथ ठहरना चाहें, तो अल्मोड़ा एक अच्छा अनुभव दे सकता है। यह पहाड़ी नगर अपने इतिहास, संस्कृति, मंदिरों और बाजारों के कारण अलग पहचान रखता है। यहाँ घूमने का आनंद केवल किसी

देखें और जानें
बिनसर वन्यजीव अभयारण्य: जंगल और प्रकृति के बीचजंगल की डायरी ↗

जंगल की डायरी

बिनसर वन्यजीव अभयारण्य: जंगल को धीरे-धीरे जानने की यात्रा

यह दुनिया मनुष्यों जितनी ही पक्षियों, वन्यजीवों और पेड़-पौधों की भी है। बिनसर की यात्रा इस बात को करीब से महसूस करने का अवसर देती है। अल्मोड़ा के पास स्थित इस अभयारण्य में बड़े दर्शनीय स्थलों की सूची से अधिक महत्व जंगल क

देखें और जानें
अल्मोड़ा से पिथौरागढ़ का सफ़रसड़क के साथ ↗

सड़क के साथ

अल्मोड़ा से पिथौरागढ़: चितई और जागेश्वर होकर सड़क यात्रा

अल्मोड़ा से पिथौरागढ़ के सफर में केवल दो नगर नहीं जुड़ते। रास्ते में मंदिर, छोटे बाजार, जंगल और नदी-घाटियाँ मिलती हैं। इस बार हम आदि कैलाश यात्रा के दौरान केएमवीएन के समूह के साथ इस मार्ग से गुजरे।

देखें और जानें

कुछ झलकियाँ। सफ़र की काम की बातें।

छोटी स्टोरीज़, बड़े सफ़र।

सभी स्टोरीज़

18 स्टोरीज़ · पढ़ें, सफ़र की तैयारी करें, फिर वीडियो देखें।

स्टोरी से आगे भी चलें। लेख में यात्रा की जानकारी मिलेगी और वीडियो में रास्ते की झलक।

YouTube पर @popcorntrip देखें ↗

सफ़र की नई बातें

नई जगहें, काम की जानकारी।

सभी लेख देखें ↗
Painterly AI illustration inspired by Jaipur’s pink sandstone courtyards

यात्रा गाइड

जयपुर में दो दिन: पुराने शहर और आमेर को अलग समय दें

जयपुर के पुराने शहर और आमेर को अलग दिन में देखकर सफ़र की भागदौड़ कम करें। ठहरने की जगह, मौसम और घूमने का समय चुनने के लिए एक व्यावहारिक योजना।

सफ़र की तैयारी करें ↗
Painterly AI illustration inspired by Udaipur’s lakeside ghats

यात्रा गाइड

उदयपुर में दो दिन: झीलों, महल और पुराने शहर को समय दें

पिछोला और सिटी पैलेस के आसपास एक दिन रखें, फिर फ़तेहसागर या सज्जनगढ़ के लिए समय निकालें। ठहरने की जगह से लेकर झील के किनारे रुकने तक, दो दिन का व्यावहारिक सुझाव।

सफ़र की तैयारी करें ↗
Painterly AI illustration of a Bengal coastal ferry journey, inspired by Gangasagar

यात्रा गाइड

कोलकाता से गंगासागर: फेरी और वापसी का समय भी जोड़ें

गंगासागर की यात्रा में सड़क, नदी पार करने की फेरी और द्वीप का सफर शामिल है। दर्शन के साथ वापसी का समय भी ऐसे तय करें।

सफ़र की तैयारी करें ↗

प्ले करें। साथ चलें।

सफ़र, चलती तस्वीरों में।

यात्रा फ़िल्में देखें ↗
कौसानी में थोड़ा ठहरें।▶ फ़िल्म देखें

पहाड़ों का सुकून

कौसानी: हिमालय, अनासक्ति आश्रम और चाय के बागान

बागेश्वर जिले का कौसानी हिमालय के खुले दृश्यों, अनासक्ति आश्रम और शांत पहाड़ी वातावरण के लिए जाना जाता है। मौसम साफ हो तो दूर के शिखर दिखाई देते हैं; बादलों के समय आसपास की हरियाली और धीमा कस्बाई जीवन भी यात्रा को अर्थ द

देखें और जानें
धौलछीना में एक विराम।▶ फ़िल्म देखें

कुमाऊँ की फ़िल्में

धौलछीना: छोटे बाजार से जंगलों की ओर

अल्मोड़ा से आगे धौलछीना का छोटा बाजार कुछ देर रुकने का मन कराता है। आसपास के पहाड़, स्थानीय भोजन और कस्बे की सहज दिनचर्या इस जगह का अनुभव बनाते हैं। यहाँ की यात्रा में बहुत कुछ करने के बजाय धीरे घूमना अधिक अच्छा लग सकता

देखें और जानें
बिनसर वन्यजीव अभयारण्य: जंगल और प्रकृति के बीच▶ फ़िल्म देखें

जंगल की डायरी

बिनसर वन्यजीव अभयारण्य: जंगल को धीरे-धीरे जानने की यात्रा

यह दुनिया मनुष्यों जितनी ही पक्षियों, वन्यजीवों और पेड़-पौधों की भी है। बिनसर की यात्रा इस बात को करीब से महसूस करने का अवसर देती है। अल्मोड़ा के पास स्थित इस अभयारण्य में बड़े दर्शनीय स्थलों की सूची से अधिक महत्व जंगल क

देखें और जानें

सफ़र अभी बाकी है

और जगहें। और कहानियाँ।

सभी यात्रा लेख ↗
नैनीताल, झील के आसपास।

झीलें और शहर

नैनीताल नगर: तल्लीताल से मल्लीताल तक

नैनीताल में तल्लीताल की ओर से प्रवेश करते हुए टैक्सी स्टैंड, बस पड़ाव और आसपास के होटल दिखाई देते हैं। आगे झील के साथ चलती मॉल रोड नगर की सबसे परिचित छवि सामने लाती है।

यात्रा पढ़ें ↗
मुक्तेश्वर में कुछ पल सुकून के।

पहाड़ों की सैर

मुक्तेश्वर: कुछ दिन पहाड़ की धीमी लय में

मुक्तेश्वर के रास्ते पर चलते हुए ही यात्रा का आनंद शुरू हो जाता है। पहाड़ी मोड़, जंगल और बीच-बीच में खुलते दृश्य मंज़िल की भूमिका बना देते हैं। यहाँ पहुँचकर कुछ देर बिना जल्दबाजी के रहने का मन होता है।

यात्रा पढ़ें ↗
मसूरी, हर मोड़ पर एक नज़ारा।

शहर की गाइड

मसूरी की सैर: माल रोड से लंढौर और दलाई हिल्स तक

देहरादून के ऊपर लगभग दो हजार मीटर की ऊँचाई पर बसी मसूरी की पहचान पहाड़ी दृश्यों, पुराने भवनों और व्यस्त माल रोड से है। ‘पहाड़ों की रानी’ कहे जाने वाले इस शहर को देखने का अच्छा तरीका है कुछ रास्ते पैदल चलना और आसपास के स्

यात्रा पढ़ें ↗
कौसानी से बैजनाथ का सफ़र।

सड़क यात्राएँ

कौसानी से बैजनाथ: गरुड़ घाटी की ओर

कौसानी से बैजनाथ की इस यात्रा में पहाड़ी दृश्य, खेतों में काम करते लोग और रास्ते के छोटे बाजार साथ चलते हैं। मूल सफर में लगभग 16 किलोमीटर की दूरी तय करने में करीब 50 मिनट लगे थे।

यात्रा पढ़ें ↗
हल्द्वानी से नैनीताल की ओर।

सड़क यात्राएँ

हल्द्वानी से नैनीताल: मैदान से झील वाले शहर तक

हल्द्वानी से नैनीताल की सड़क यात्रा लगभग 40 किलोमीटर की है। रानीबाग के बाद पहाड़ी मोड़ और चढ़ाई शुरू हो जाती है। सामान्य परिस्थितियों में डेढ़ से दो घंटे लग सकते हैं, लेकिन भीड़ और मौसम के अनुसार अधिक समय रखें।

यात्रा पढ़ें ↗
चित्रकूट के कुछ और रंग।

हिमालय से आगे

चित्रकूट यात्रा गाइड: रामघाट, कामदगिरि और दो दिन की योजना

मंदाकिनी के घाटों से कामदगिरि की परिक्रमा तक—चित्रकूट के प्रमुख स्थान, समय बाँटने का तरीका और ठहरने से पहले पूछने वाली बातें।

यात्रा पढ़ें ↗
भीमताल के किनारे एक ठहराव।

झील और विरासत

भीमताल: झील, मंदिर और आसपास की सैर

भीमताल की पहचान उसकी झील और उसके आसपास बसे नगर से है। पानी के बीच दिखाई देता छोटा द्वीप, किनारे से गुजरती सड़क और पहाड़ियों का परिवेश यहाँ आने वालों को ठहरने का कारण देते हैं।

यात्रा पढ़ें ↗
ग्वालदम से बधानगढ़ी मंदिर का ट्रेक

पगडंडियाँ और मंदिर

ग्वालदम से बधानगढ़ी: चढ़ाई, मंदिर और हिमालय के सामने एक दिन

ग्वालदम और बधानगढ़ी की इस यात्रा में छोटे पहाड़ी कस्बे की सहजता भी है और ऊँचाई पर पहुँचने का संतोष भी। बधानगढ़ी में माँ दक्षिणेश्वर काली का मंदिर है। खुले मौसम में यहाँ से हिमालय, घाटियाँ और दूर-दूर तक बसे गाँव दिखाई देत

यात्रा पढ़ें ↗
कैंची धाम यात्रा: भीड़, रास्ते और दर्शन की तैयारी

यात्रा के पन्ने

कैंची धाम यात्रा: भीड़, पार्किंग और समय की योजना

कैंची धाम बाबा नीम करौली महाराज से जुड़ा प्रसिद्ध आश्रम है। यहाँ दर्शन के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। शांत परिसर में कुछ समय बिताने का अपना अनुभव है, लेकिन यात्रा की तैयारी में रास्ते और भीड़ का ध्यान रखना भी ज़रूरी है।

यात्रा पढ़ें ↗

यात्रा के पन्ने

रामेश्वरम में दो दिन: दर्शन, धनुषकोडि और बिना हड़बड़ी की यात्रा

मंदिर दर्शन और समुद्र किनारे की सैर को अलग समय दें। ठहरने की जगह, स्थानीय आवागमन और मौसम को साथ रखकर यात्रा बनाएँ।

यात्रा पढ़ें ↗

यात्रा के पन्ने

श्रीरंगम: श्री रंगनाथस्वामी मंदिर और उसके नगर को समय दें

श्री रंगनाथस्वामी विष्णु मंदिर, उसके गोपुरम और आसपास बसे नगर को समझते हुए यात्रा की तैयारी करें। प्रवेश और दर्शन की जानकारी पहले जाँचें।

यात्रा पढ़ें ↗

यात्रा के पन्ने

कोलकाता से गंगासागर: फेरी और वापसी का समय भी जोड़ें

गंगासागर की यात्रा में सड़क, नदी पार करने की फेरी और द्वीप का सफर शामिल है। दर्शन के साथ वापसी का समय भी ऐसे तय करें।

यात्रा पढ़ें ↗

यात्रा के पन्ने

उदयपुर में दो दिन: झीलों, महल और पुराने शहर को समय दें

पिछोला और सिटी पैलेस के आसपास एक दिन रखें, फिर फ़तेहसागर या सज्जनगढ़ के लिए समय निकालें। ठहरने की जगह से लेकर झील के किनारे रुकने तक, दो दिन का व्यावहारिक…

यात्रा पढ़ें ↗

यात्रा के पन्ने

जयपुर में दो दिन: पुराने शहर और आमेर को अलग समय दें

जयपुर के पुराने शहर और आमेर को अलग दिन में देखकर सफ़र की भागदौड़ कम करें। ठहरने की जगह, मौसम और घूमने का समय चुनने के लिए एक व्यावहारिक योजना।

यात्रा पढ़ें ↗
श्री गोपेश्वर महादेव मंदिर

यात्रा के पन्ने

गोपेश्वर महादेव: गढ़वाल के नगर में प्राचीन पत्थर का मंदिर

चमोली जिले के गोपेश्वर में महादेव का प्राचीन मंदिर नगर के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हमारी यात्रा में बारिश और धुंध के बीच बाजार से मंदिर की ओर पैदल चले। दुकानों और घरों के बीच से होकर पत्थर के पुराने परिसर में पहुँचन

यात्रा पढ़ें ↗
माणा गाँव की सैर

यात्रा के पन्ने

माणा गाँव: बद्रीनाथ के आगे हिमालय की गोद में

बद्रीनाथ से लगभग तीन-चार किलोमीटर आगे माणा गाँव है। ऊँचे पहाड़, पत्थर के घर, संकरी गलियाँ और आसपास बहती नदियाँ इस हिमालयी बस्ती का परिवेश बनाते हैं। यहाँ की यात्रा केवल किसी प्रसिद्ध स्थल तक पहुँचना नहीं, सीमांत क्षेत्र

यात्रा पढ़ें ↗

कहाँ चलें?

मन में कोई जगह है?

आपके पास भी कोई कहानी है? PopcornTrip से जुड़ें ↗

साथ काम करें

कोई सवाल या साथ काम करने का विचार?

अपना विचार, गंतव्य या प्रोजेक्ट बताइए। आपका संदेश सीधे PopcornTrip टीम तक पहुँचेगा।